रविवार, 8 नवंबर 2015

आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाये।

हम प्रार्थना करते है कि परम् पिता परमात्मा आपको
गणेश की सिद्धी
लक्ष्मी की वृद्धि,
चाणक्य की बुद्धि,
विक्रमादित्य का न्याय,
पन्ना सी धाय
कामधेनू सी गाय,
भीष्म की प्रतिज्ञा,
हरिश्चन्द्र की सत्यता,
मीरा की भक्ति,
शिव की भक्ति,
कुबेर की सम्पन्नता,
विदेह की विरक्ति,
तानसेन का राग,
दधीचि का त्याग,
भृर्तहरी का बैराग,
एकलव्य की लगन,
सूर के भजन,
कृष्ण की मित्रता,
गंगा की पवित्रता,
मां का ममत्व,
पारे का घनत्व,
कर्ण का दान,
विदुर की नीति,
रघुकुल की नीति प्रदान करे ।


  • ज्योति और प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें ।

गुरुवार, 27 अगस्त 2015

गाय गुरु और तुलसी

"तुलसी वृक्ष ना जानिये।
गाय ना जानिये ढोर।

  • गुरू मनुज ना जानिये।

ये तीनों नन्दकिशोर।
   अर्थात-
तुलसी को कभी पेड़ ना समझें
गाय को पशु समझने की गलती ना करें और
गुरू को कोई साधारण मनुष्य समझने की भूल ना करें,
क्योंकि ये तीनों ही साक्षात भगवान रूप हैं"।
🙏🙏।।जय श्री राधे कृष्णा ।। 🙏🙏

रविवार, 23 अगस्त 2015

मित्रो पापी की तो बात करने से ही पाप लगता है।

एक राजा ब्राह्मणों को
लंगर में भोजन करा रहा
था।
तब पंक्ति के अंत मैं बैठे एक
ब्राम्हण को भोजन
परोसते समय एक चील
अपने पंजे में एक मुर्दा
साँप लेकर राजा के उपर से
गुजरी। और उस मुर्दा साँप
के मुख से कुछ बुंदे जहर की
खाने में गिर गई। किसी
को कुछ पत्ता नहीं चला।
फल स्वरूप वह ब्राह्मण
जहरीला खाना खाते हीं
मर गया। अब जब राजा
को सच का पता चला तो
ब्रम्ह हत्या होने से उसे
बहुत दुख हुआ।
मित्रों ऐसे में अब ऊपर बैठे
यमराज के लिए भी यह
फैसला लेना मुश्किल हो
गया कि इस पाप-कर्म का
फल किसके खाते में
जायेगा ???
राजा... जिसको पता ही
नहीं था कि खाना
जहरीला हो गया है..
या
वह चील... जो जहरीला
साँप लिए राजा के उपर से
गुजरी...
या
वह मुर्दा साँप... जो पहले
से मर चुका था...
दोस्तों बहुत दिनों तक
यह मामला यमराज की
फाईल में अटका रहा।
फिर कुछ समय बाद कुछ
ब्राह्मण राजा से मिलने
उस राज्य मे आए। और
उन्होंने किसी महिला से
महल का रास्ता पूछा...
तो उस महिला ने महल का
रास्ता तो बता दिया,
पर रास्ता बताने के साथ-
साथ ब्राम्हणों से ये भी
कह दिया कि देखो भाई...
"जरा ध्यान रखना, वह
राजा आप जैसे ब्राह्मणों
को खाने में जहर देकर मार
देता है।"
बस मित्रों जैसे ही उस
महिला ने ये शब्द कहे
उसी समय यमराज ने
फैसला ले लिया कि उस
ब्राह्मण की मृत्यु के पाप
का फल इस महिला के खाते
में जाएगा और इसे उस पाप
का फल भुगतना होगा।
यमराज के दूतों ने पूछा
प्रभु ऐसा क्यों ? जबकि
उस ब्राम्हण की हत्या में
उस महिला की कोई
भूमिका भी नही थी।
तब यमराज ने कहा कि
भाई देखो जब कोई
व्यक्ति पाप करता हैं तब
उसे आनंद मिलता हैं। पर
उस ब्राम्हण की हत्या से
न तो राजा को आनंद
मिला न मरे हुए साँप को
आनंद मिला और न ही उस
चील को आनंद मिला... पर
उस पाप-कर्म की घटना
का बुराई करने के भाव से
बखान कर उस महिला को
जरूर आनंद मिला। इसलिये
राजा के उस अनजाने पाप-
कर्म का फल अब इस
महिला के खाते में जायेगा।
बस मित्रों इसी घटना के
तहत आज तक जब भी कोई
व्यक्ति जब किसी दुसरे के
पाप-कर्म का बखान बुरे
भाव से (बुराई) करता हैं,
तब उस व्यक्ति के पापों
का हिस्सा उस बुराई
करने वाले के खाते में भी
डाल दिया जाता हैं।
दोस्तों अक्सर हम जीवन
में सोचते हैं कि जीवन में
ऐसा कोई पाप नही
किया फिर भी जीवन में
इतना कष्ट क्यों आया ?
दोस्तों ये कष्ट और कहीं से
नही बल्कि लोगों की
बुराई करने के कारण उनके
पाप-कर्मो से आया होता
हैं जिनको यमराज बुराई
करते ही हमारे खाते में
ट्रांसफर कर देते हैं।

शुक्रवार, 26 जून 2015

श्री राधे का दीवाना

🐾वृन्दावन में हुकुम चले बरसाने वाली का !!
अरे कान्हा भी दीवाना है श्री राधे
 रानी का !!
 .
सभी को कहते देखा बड़ी सरकार
 श्री राधे !!
लगेगा पार बेड़ा जो कहेगा श्री राधे
 राधे !!
 .
चारों तरफ है बजता डंका श्री वृषभान
 दुलारी का !!
अरे कान्हा भी दीवाना है श्री राधे
 रानी का !!
 .
जय जय सावरी सरकार की...🌹

रविवार, 14 जून 2015

जय श्री श्याम

  कृष्णा
बस इतनी सी गुजारिश है 
की .......
अगर मैं हद्द से गुजर जाऊ .....
तो मुझे माफ़ करना।
तेरे दिल में उतर जाऊ ........
तो मुझे माफ़ करना।
यूँ ही गुस्सा करना तो मेरी आदत
नही है ......
अगर ऐसा मैं कर जाऊं तो मुझे
माफ़ करना।

जय श्री श्याम

  कृष्णा
बस इतनी सी गुजारिश है 
की .......
अगर मैं हद्द से गुजर जाऊ .....
तो मुझे माफ़ करना।
तेरे दिल में उतर जाऊ ........
तो मुझे माफ़ करना।
यूँ ही गुस्सा करना तो मेरी आदत
नही है ......
अगर ऐसा मैं कर जाऊं तो मुझे
माफ़ करना।

जय श्री श्याम

  कृष्णा
बस इतनी सी गुजारिश है 
की .......
अगर मैं हद्द से गुजर जाऊ .....
तो मुझे माफ़ करना।
तेरे दिल में उतर जाऊ ........
तो मुझे माफ़ करना।
यूँ ही गुस्सा करना तो मेरी आदत
नही है ......
अगर ऐसा मैं कर जाऊं तो मुझे
माफ़ करना।

जय श्री श्याम

  कृष्णा
बस इतनी सी गुजारिश है 
की .......
अगर मैं हद्द से गुजर जाऊ .....
तो मुझे माफ़ करना।
तेरे दिल में उतर जाऊ ........
तो मुझे माफ़ करना।
यूँ ही गुस्सा करना तो मेरी आदत
नही है ......
अगर ऐसा मैं कर जाऊं तो मुझे
माफ़ करना।
  कृष्णा
बस इतनी सी गुजारिश है 
की .......
अगर मैं हद्द से गुजर जाऊ .....
तो मुझे माफ़ करना।
तेरे दिल में उतर जाऊ ........
तो मुझे माफ़ करना।
यूँ ही गुस्सा करना तो मेरी आदत
नही है ......
अगर ऐसा मैं कर जाऊं तो मुझे
माफ़ करना।
  कृष्णा
बस इतनी सी गुजारिश है 
की .......
अगर मैं हद्द से गुजर जाऊ .....
तो मुझे माफ़ करना।
तेरे दिल में उतर जाऊ ........
तो मुझे माफ़ करना।
यूँ ही गुस्सा करना तो मेरी आदत
नही है ......
अगर ऐसा मैं कर जाऊं तो मुझे
माफ़ करना।
  कृष्णा
बस इतनी सी गुजारिश है 
की .......
अगर मैं हद्द से गुजर जाऊ .....
तो मुझे माफ़ करना।
तेरे दिल में उतर जाऊ ........
तो मुझे माफ़ करना।
यूँ ही गुस्सा करना तो मेरी आदत
नही है ......
अगर ऐसा मैं कर जाऊं तो मुझे
माफ़ करना।

मंगलवार, 9 जून 2015

माँ कुण है ?

: मा कुण है?

बा मा ही है,


जको आपाने सुबह गुदडा़ सु ऊठाव है 
हर  कव है के


.
उठ जाओ काँजरो,

11बज र,या हैं 

गंडकङाँ की जियाँ पड़्या रहवो हो,

थाल्डो बाप 4-5 नौकर कोनी लगा राख्या, 

जो थाने टुकङा सेक देसी।

ज़िन्दगी हराम कर रखी है बापकणाँ। 

पूरी रात फ़ोन पे जी माराँड से 
बात करबा में लाग्यो रहवे है 
बी कन ई जार जीम लिया कर।

लाग्यो थारो डोळ।। 

भाईड़ो मा तो मा ही हुव है ||

सोमवार, 8 जून 2015

इस एक मंत्र से मिलता संपूर्ण रामायण पढऩे का फल |

इस एक मंत्र से मिलता संपूर्ण रामायण पढऩे का फल |

रामायण भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। इसे पढऩे या सुनने मात्र से जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं। वर्तमान की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास इतना समय नहीं होता कि वह संपूर्ण रामायण का पाठ या श्रवण कर सके। ऐसे में नीचे लिखे इस एक मंत्र का विधि-विधान पूर्वक जप करने से संपूर्ण रामायण पढऩे या सुनने का फल मिलता है।

 इस श्लोक का एक श्लोकी रामायण कहते हैं। यह बहुत चमत्कारी श्लोक है। इसका जप करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है।



मंत्र


आदि राम तपोवनादि गमनं, हत्वा मृगं कांचनम्।
वैदीहीहरणं जटायुमरणं, सुग्रीवसंभाषणम्।।
बालीनिर्दलनं समुद्रतरणं, लंकापुरीदाहनम्।
पश्चाद् रावण कुम्भकर्ण हननम्, एतद्धि रामायणम्।।



जप विधि ..

- सुबह जल्दी नहाकर, साफ वस्त्र पहनकर भगवान श्रीराम के चित्र का विधिवत पूजन करें।
- भगवान श्रीराम के चित्र के सामने आसन लगाकर रुद्राक्ष की माला लेकर इस मंत्र का जप करें। प्रतिदिन पांच माला जप करने से उत्तम फल मिलता है।
- आसन कुश का हो तो अच्छा रहता है।
- एक ही समय, आसन व माला हो तो यह मंत्र जल्दी ही सिद्ध हो जाता है।

रविवार, 7 जून 2015

मेरे प्यारे कृष्णा

दोलत छोड़ी दुनिया छोड़ी सारा खज़ाना छोड़ दिया,

कृष्णा के  प्यार  मे दीवानों ने राज घराना छोड़ दिया,

दरवाज़े पे जब लिखा हमने नाम हमारे कृष्णा का,

मुसीबत ने दरवाज़े पे आना छोड़ दिया...
                  ||  जयश्रीकृष्णा ||

जय श्र कृष्णा

एक दिन चाँद से की थी गुजारिश हमने, मेरी "श्याम से करवाओ मुलाकात कभी...

 चाँद भी मुस्कुरा कर टाल गया, कहा मत कर शर्मिंदा अभी...

तेरे "श्याम" को देख कर फिर ना कभी चमक पाऊंगा, रौशनी तेरे "श्याम की है कुछ अलग, शायद मैं खुद ही खो जाऊंगा...

                              || जय श्री श्याम ||

रविवार, 31 मई 2015

ड्रेस कोड...

ड्रेस कोड...

जिस तरह से धर्म मजहब के नाम पे हम रंगों को भी बांटते जा रहे है कि......
हरा 🍀मुस्लिम का .
और लाल 🍎 हिन्दू का

तो वो दिन दूर नही जब  सारी की सारी हरी सब्ज़ियाँ मुस्लिमों की हों जाएँगी

और हिंदुओं के हिस्से बस टमाटर,गाजर और चुकुन्दर ही आएंगे!..........

अब ये समझ नहीं आ रहा कि ये तरबूज 🍉किसके हिस्से में आएगा ?
.
.

ये तो कमबख्त ऊपर से मुस्लमान और अंदर से हिन्दू है.. 😜 😜 😝
🌺🌺🌺